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Alankit Limited — Proxy Solicitation & Information Statement 2022
Dec 15, 2022
62549_rns_2022-12-15_7efa6739-6f1f-49f8-9a1f-dd43db7f43c8.pdf
Proxy Solicitation & Information Statement
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15 December, 2022
| BSE Limited P. J. Towers, Dalal Street, Mumbai–400 001 Scrip Code:531082 |
National Stock Exchange of India Limited Exchange Plaza, 5thFloor, C-1, Block G, Bandra – Kurla Complex, Bandra (E), Mumbai–400 051 Symbol :ALANKIT |
|---|---|
Sub: Submission of Public Notice for Corrigendum to the notice of the Extra-Ordinary General Meeting dated 29th November, 2022
Dear Sir(s),
This is in furtherance to our letter dated 5[th] December, 2022, with respect to submission of the Notice of Extra-Ordinary General Meeting of the Company and intimation of cut-off date for e- voting.
We hereby inform you that certain inadvertent errors were noticed in the above referred Notice after the same was dispatched to the Members of the Company through email on 5[th] December, 2022.
Accordingly, a Corrigendum has been published, by way of advertisement, today, i.e., 15[th] December, 2022, in the newspapers, viz., Financial Express and in Haribhoomi.
Pursuant to Regulation 30 of the SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015, read together with Part A of Schedule III thereto, please find enclosed herewith, a copy each of the aforesaid newspaper publications.
The aforesaid Corrigendum shall also be uploaded on the website of the Company, viz., www.alankit.in . The same is for your information and records
This is for your information and records.
Thanking you.
Yours faithfully,
For ALANKIT LIMITED Suchita Digitally signed by Suchita Kabra Kabra Date: 2022.12.15 13:02:23 +05'30' SUCHITA KABRA COMPANY SECRETARY & COMPLIANCE OFFICER
जयंती पि रविेष
नई रिलंली, गुरंवाि 15 रिसंिि 2022 haribhoomi.com
07
िौधरी समतिेन एक िफल उदोगपसत, िहंदय, िमाजिेिी, मन-ििन और कमंम िे शुदतम आयंम िमाजी और ‘ििे भिनंतु िुसिनः, ििे िनंतु सनरामयाः’ में सिशाि करने िाले वंयकंतत थे। उनके वंयकंतततंि की पहिान िििे सभनंन थी। िौधरी समतिेन आयंम का मानना था सक आदशंम एिं िसरतिान युिाओं के सनमंामण िे ही देश का िही मायने में सिकाि हो िकता है। इिी उदेशंय िे ही उनंहोंने अनेक सशकण िंसंथाएं िोलीं। उनंहोंने सशका के सिसार के सलए उड़ीिा के िीहड़ों िे लेकर घने पहाड़ों तक गुरंकुल, सिदालयों, महासिदालयों, िसहत कई आधुसनक सशकण िंसंथाओं का सनमंामण करिाया। िे आयंम िमाज दारा िलाए गए युिक कांसत असभयान तथा मित सिमि सिरजाननंद एडिोकेट आयंम युिा िसरत सनमंामण सशसिरों के आयोजन में िहयोसगयों की असिम पंकंतत में िड़ंे रहे। ती वंयकंतततंव : चौधिी रमतसेन आयंट िृढंव ि-दुतनया मे् ऐसे अनेकव्यक्कतत्व तमल जाएंगे, तजन्हो्ने करोडो् लोगो् का सपना होती है। चौधरी तमतसेन एक सफल उदोगपतत,सेन एक सफल उदोगपतत,ोगपतत, अलग-अलग केतो् मे् अपना तविेि स्थान बनाया, लेतकन सह्दय, समाजसेवी, मन-वचन और कम्ा से िुितम आय्ा समाजी औरतम आय्ा समाजी और ऐसे बहुत कम तमले्गे, तजन्हो्ने ख्यातत से दूर रहकर अपनी ‘सवे भवन्तु सुतखनः, सवे सन्तु तनरामयाः’ मे् तवशास करने वाले व्यक्कते भवन्तु सुतखनः, सवे सन्तु तनरामयाः’ मे् तवशास करने वाले व्यक्कते सन्तु तनरामयाः’ मे् तवशास करने वाले व्यक्कतास करने वाले व्यक्कत िे पूंजी का एक अहम तहस्सा समाज की भलाई के तलए खच्ा थे। उनके व्यक्कतत्व की पहचान सबसे तभन्न थी। चौधरी तमतसेन आय्ासेन आय्ा तकया। महत्िा दयानंद के तसपातहयो् मे् चौधरी तमतसेन आय्ा ऐसे ही पततभा का मानना था तक आदि्ा एवं चतरतवान युवाओ् के तनम्ााण से ही देि कावान युवाओ् के तनम्ााण से ही देि का पुर्ि थे। ऋति के उदेश्य को तचरस्थाई बनाने का तवचार मन मे् लेकर सही मायने मे् तवकास हो सकता है। इसी उदेश्य से उन्हो्ने अनेक तिकेश्य से उन्हो्ने अनेक तिकण चौधरी तमतसेन आय्ा ने जहां िारीतरक उन्नतत के तलए गरीब तनध्ान तथा संस्थाएं खोली। उन्हो्ने तिका के तवसार के तलए उडीसा के बीहड जंगलो्ा के तवसार के तलए उडीसा के बीहड जंगलो्ार के तलए उडीसा के बीहड जंगलो् असहाय, बीमार लोगो् की आत्थाक मदद करके उन्हे् सकम, सुदृढ् तथा से लेकर घने पहाडो् तक गुर्कुल, तवदालयो्, महातवदालयो्, सतहत कईालयो्, महातवदालयो्, सतहत कईालयो्, सतहत कई सिक्त बनाने का काय्ा तकया वही् आक्तमक उन्नतत के तलए उन्हो्ने वेदो् आधुतनक तिकण संस्थाओ् का तनम्ााण करवाया। आय्ा समाज दण संस्थाओ् का तनम्ााण करवाया। आय्ा समाज दारा के जान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेकर जहां स्वयं अनेक चलाए गए युवक कांतत अतभयान तथा आय्ा युवा चतरत तनम्ााण तितवरो्ांतत अतभयान तथा आय्ा युवा चतरत तनम्ााण तितवरो् तनम्ााण तितवरो् गुर्कुलो् की स्थापना की, वही् सैकड्ो् गुर्कुलो् के संचालन मे् महत्वपूण्ा के आयोजन मे् सहयोतगयो् की अतगम पंक्कत मे् खड्े रहे। तिका, उदगम पंक्कत मे् खड्े रहे। तिका, उदा, उदोग, भूतमका भी तनभाई। वैतदक सातहत्य का पकािन करवाकर लोगो् की मीतडया के केतो् मे् नया मुकाम बनाने वाले चौधरी तमतसेन जी के जीवनेतो् मे् नया मुकाम बनाने वाले चौधरी तमतसेन जी के जीवनो् मे् नया मुकाम बनाने वाले चौधरी तमतसेन जी के जीवनसेन जी के जीवन आक्तमक उन्नतत का माग्ा पिस तकया। समाज की उन्नतत के तलए उन्हो्ने पर कांततकारी गतततवतधयो् का गहरा पभाव रहा। क्यो्तक उनकीांततकारी गतततवतधयो् का गहरा पभाव रहा। क्यो्तक उनकीभाव रहा। क्यो्तक उनकी बेटी बचाओ अतभयान, निा मुक्कत अतभयान, पाखंड मुक्कत अतभयान, पातरवातरक पृषभूतम आजादी मे् आय्ा समाज के योगदान की साकभूतम आजादी मे् आय्ा समाज के योगदान की साकी थी, िोिण मुक्कत अतभयान, नारी उत्पीड्न मुक्त समाज अतभयान आतद इसतलए वह हमेिा युवाओ् को पेतरत करते थे तक हमारे आदि्ा आजकलेतरत करते थे तक हमारे आदि्ा आजकल काय्ाकमो् मे् पत्यक व अपत्यक र्प से सहयोग तकया। के तफल्मी कलाकार नही्, बक्लक िहीदे आजम भगत तसंह, रामपसाद चौधरी तमतसेन आय्ा का जन्म 15 तदसंबर 1931 को धम्ातनष तपता के तबक्समल, नेताजी सुभािचन्द बोस, चंदिेखर आजाद जैसे कांततकारी है्। बोस, चंदिेखर आजाद जैसे कांततकारी है्।िेखर आजाद जैसे कांततकारी है्।ांततकारी है्। घर तहसार तजले के खांडा खेड्ी गांव मे् हुआ। उस घर मे् वैतदक पताका चौधरी तमतसेन आय्ा ने सामातजक सरोकारो् के साथ-साथ पातरवातरकसेन आय्ा ने सामातजक सरोकारो् के साथ-साथ पातरवातरक पहले से ही लहरा रही थी। यज की सुगंध ने आप के मानस पटल पर दातयत्वो् को सदैव महत्व तदया। उसी का पतरणाम रहा तक आज भी उनका संस्कारो् का ऐसा सुनहरा लेप लगाया तक आपने अपने जीवन मे् तनरंतर पूरा पतरवार संयुक्त पतरवार है। वैतदक परम्परा मे् पल्लतवत पुक्षपत चौधरी आध्याक्तमक और आतदभौततक उन्नतत की। भौततक समृति से आपने तमतसेन आय्ा जी का पतरवार आज समाज के सामने आदि्ा पतरवार केसेन आय्ा जी का पतरवार आज समाज के सामने आदि्ा पतरवार के आधुतनक मूल्यो् का संरकण तकया। पुर्िाथी मनुष्य का सहायक ईशर भी र्प मे् एक उदाहरण है। होता है। तवशासी और आिावादी चौधरी तमतसेन आय्ा ने अपने पुर्िाथ्ा वासव मे् शी चौधरी जी आय्ा एक व्यक्कत नही्, स्वयं मे् संस्था थे।व मे् शी चौधरी जी आय्ा एक व्यक्कत नही्, स्वयं मे् संस्था थे।ी चौधरी जी आय्ा एक व्यक्कत नही्, स्वयं मे् संस्था थे। पर अतधक ध्यान तदया तथा हर केत मे् तनरंतर वृति और उन्नतत की। वे हमेिा कहते थे ‘तमतस्य चकुिा समीकामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरेस्य चकुिा समीकामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरेुिा समीकामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरेामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरे चौधरी साहब ने बचपन मे् ही व्यायाम, पाणायाम, वैतदक संस्कारो् को को तमत की दृति से देखे्। पारंपतरक मूल्यो् के संरकक, पोिक जैसे कई की दृति से देखे्। पारंपतरक मूल्यो् के संरकक, पोिक जैसे कईि से देखे्। पारंपतरक मूल्यो् के संरकक, पोिक जैसे कईक, पोिक जैसे कई आत्मसात कर तलया। चौधरी तमतसेन जी ने अपने आिावादी दृतिकोण, अनुिासन के बल पर वह मुकाम हातसल तकया। उनके होठो् पर बाल आयामो् वाले तवराट व्यक्कतत्व के धनी चौधरी तमतसेन आय्ा जी केसेन आय्ा जी के तववेक व बुति के बल पर पहाड सी कतठनाइयो् का सामना अत्यंत सुलभ मुस्कान और बहुत धीमी आवाज मे् बात करना जैसे उनके व्यक्कतत्व आदि्ा और जीवन मूल्य सदैव आगे बढने व मानवता की सेवा करने के धैय्ापूण्ा ढंग से तकया। का अहम तहस्सा बन गए थे। तलए सभी को पेतरत करते रहे्गे। आओ आज उनके जन्मतदवस पर उनकेेतरत करते रहे्गे। आओ आज उनके जन्मतदवस पर उनके िून्य से तिखर तक की उनकी याता तकसी के तलए भी पेरणा का सोत चौधरी तमतसेन आय्ा ने अपनी सूझबूझ, कतठन पतरशम, दूरदत्िाता तकए गए कायो् को आगे बढ्ाने का संकल्प ले्, तफर चाहे वो काय्ा सेवाो् को आगे बढ्ाने का संकल्प ले्, तफर चाहे वो काय्ा सेवा है। अभावो् मे् जीवन याता िुर् की और कठोर शम, समप्ाण और और सादगी के बल पर सफलता की एक ऐसी िानदार कहानी तलखी, जो का हो, तिका का या संस्कारो् का।ा का या संस्कारो् का।
वैरिकपथ के परथक
चौ. धमिसेि का जनंम 15 धदसंबर 1931 को धहसार धजिे के िांडा िेडी गांि में संितंिता सेिािी एिं आयंा समाजी पधरिार में हुआ। इिके धपता चौ. शीशराम िेतीबाडी के अिािा आयंा समाज के अिैतधिक भजिोपदेशक रे। रववाह
सनंा्1948 में जींद धजिे के जुिािी गांि के धकसाि शी अमृत धसंह की सुपुिी परमेशरी देिी के सार उिकाधििाह हुआ । उिसे िौ संतािें हुईं। इिके पुिों के िाम कैपंटि रंदसेि, िीरसेि, वतपाि, कैपंटि अधभमनंयु, मेजर सतंयपाि और देिसुमि हैं, जबधक पुधियों के िाम दया, धिमिा और मिु हैं। वयवसाय म किम
चौ. धमिसेि िे हािांधक िषंा 1948 में एक कारीगर के रंप में िैर मशीि पर काम शुरं धकया, िेधकि 1956 में रोहतक से उनंहोंिे अपिा वंयिसाय शुरं कर धदया। इसकेबादधित िए मुकाम हाधसि करते गए। रहिी आिोलन म जल
चौ. धमिसेि धहंदी सतंयागह आंदोिि के दौराि 9 अगस से 19 धदसंबर 1957 तक धहसार जेि में बंद रहे। उनंहोंिे ऐसे समय सतंयागह में भाग धिया जब उिके कारोबार के शुरंआती धदि रे। उड़ीसा म वयवसाय
करोडो् लोगो् का सपना होती है। चौधरी तमतसेन एक सफल उदोगपतत,सेन एक सफल उदोगपतत,ोगपतत, सह्दय, समाजसेवी, मन-वचन और कम्ा से िुितम आय्ा समाजी औरतम आय्ा समाजी और ‘सवे भवन्तु सुतखनः, सवे सन्तु तनरामयाः’ मे् तवशास करने वाले व्यक्कते भवन्तु सुतखनः, सवे सन्तु तनरामयाः’ मे् तवशास करने वाले व्यक्कते सन्तु तनरामयाः’ मे् तवशास करने वाले व्यक्कतास करने वाले व्यक्कत थे। उनके व्यक्कतत्व की पहचान सबसे तभन्न थी। चौधरी तमतसेन आय्ासेन आय्ा का मानना था तक आदि्ा एवं चतरतवान युवाओ् के तनम्ााण से ही देि कावान युवाओ् के तनम्ााण से ही देि का सही मायने मे् तवकास हो सकता है। इसी उदेश्य से उन्हो्ने अनेक तिकेश्य से उन्हो्ने अनेक तिकण संस्थाएं खोली। उन्हो्ने तिका के तवसार के तलए उडीसा के बीहड जंगलो्ा के तवसार के तलए उडीसा के बीहड जंगलो्ार के तलए उडीसा के बीहड जंगलो् से लेकर घने पहाडो् तक गुर्कुल, तवदालयो्, महातवदालयो्, सतहत कईालयो्, महातवदालयो्, सतहत कईालयो्, सतहत कई आधुतनक तिकण संस्थाओ् का तनम्ााण करवाया। आय्ा समाज दण संस्थाओ् का तनम्ााण करवाया। आय्ा समाज दारा चलाए गए युवक कांतत अतभयान तथा आय्ा युवा चतरत तनम्ााण तितवरो्ांतत अतभयान तथा आय्ा युवा चतरत तनम्ााण तितवरो् तनम्ााण तितवरो् के आयोजन मे् सहयोतगयो् की अतगम पंक्कत मे् खड्े रहे। तिका, उदगम पंक्कत मे् खड्े रहे। तिका, उदा, उदोग, मीतडया के केतो् मे् नया मुकाम बनाने वाले चौधरी तमतसेन जी के जीवनेतो् मे् नया मुकाम बनाने वाले चौधरी तमतसेन जी के जीवनो् मे् नया मुकाम बनाने वाले चौधरी तमतसेन जी के जीवनसेन जी के जीवन पर कांततकारी गतततवतधयो् का गहरा पभाव रहा। क्यो्तक उनकीांततकारी गतततवतधयो् का गहरा पभाव रहा। क्यो्तक उनकीभाव रहा। क्यो्तक उनकी पातरवातरक पृषभूतम आजादी मे् आय्ा समाज के योगदान की साकभूतम आजादी मे् आय्ा समाज के योगदान की साकी थी, इसतलए वह हमेिा युवाओ् को पेतरत करते थे तक हमारे आदि्ा आजकलेतरत करते थे तक हमारे आदि्ा आजकल के तफल्मी कलाकार नही्, बक्लक िहीदे आजम भगत तसंह, रामपसाद तबक्समल, नेताजी सुभािचन्द बोस, चंदिेखर आजाद जैसे कांततकारी है्। बोस, चंदिेखर आजाद जैसे कांततकारी है्।िेखर आजाद जैसे कांततकारी है्।ांततकारी है्। चौधरी तमतसेन आय्ा ने सामातजक सरोकारो् के साथ-साथ पातरवातरकसेन आय्ा ने सामातजक सरोकारो् के साथ-साथ पातरवातरक दातयत्वो् को सदैव महत्व तदया। उसी का पतरणाम रहा तक आज भी उनका पूरा पतरवार संयुक्त पतरवार है। वैतदक परम्परा मे् पल्लतवत पुक्षपत चौधरी तमतसेन आय्ा जी का पतरवार आज समाज के सामने आदि्ा पतरवार केसेन आय्ा जी का पतरवार आज समाज के सामने आदि्ा पतरवार के र्प मे् एक उदाहरण है। वासव मे् शी चौधरी जी आय्ा एक व्यक्कत नही्, स्वयं मे् संस्था थे।व मे् शी चौधरी जी आय्ा एक व्यक्कत नही्, स्वयं मे् संस्था थे।ी चौधरी जी आय्ा एक व्यक्कत नही्, स्वयं मे् संस्था थे। वे हमेिा कहते थे ‘तमतस्य चकुिा समीकामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरेस्य चकुिा समीकामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरेुिा समीकामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरेामहे’ अथ्ाात हम सब एक दूसरे को तमत की दृति से देखे्। पारंपतरक मूल्यो् के संरकक, पोिक जैसे कई की दृति से देखे्। पारंपतरक मूल्यो् के संरकक, पोिक जैसे कईि से देखे्। पारंपतरक मूल्यो् के संरकक, पोिक जैसे कईक, पोिक जैसे कई आयामो् वाले तवराट व्यक्कतत्व के धनी चौधरी तमतसेन आय्ा जी केसेन आय्ा जी के आदि्ा और जीवन मूल्य सदैव आगे बढने व मानवता की सेवा करने के तलए सभी को पेतरत करते रहे्गे। आओ आज उनके जन्मतदवस पर उनकेेतरत करते रहे्गे। आओ आज उनके जन्मतदवस पर उनके तकए गए कायो् को आगे बढ्ाने का संकल्प ले्, तफर चाहे वो काय्ा सेवाो् को आगे बढ्ाने का संकल्प ले्, तफर चाहे वो काय्ा सेवा का हो, तिका का या संस्कारो् का।ा का या संस्कारो् का।
सनंा्1961 में उडीसा के बडधबि में उनंहोंिे साझेदारी में िकंकशॉप शुरं की, िेधकि जलंद ही उनंहोंिे अपिे दम पर कई िकंकशॉप संराधपत कर सफिता की तरफ कदम बढ़ा धदए। टासपोट क कत म किम
सनंा्1964 से 1967 तक चौ. धमिसेि का कारोबार बहुत अचंछा चिा और जििरी 1968 में इनंहोंिे टांसपोटंा के केि में कदम रिते हुए तीि टक िरीदे। इसकेबाद उनंहोंिे इस केि में काफी धिसार धकया। माइरनग क कत म
कारोबार बढ़ािे के धिए इनंहोंिे 1967 में माइधिंग का काम शुरं कर धदया। आज इिका माइधिंग कारोबार इतिा फैि चुका है धक िे उडीसा, धबहार और छिीसगढ़ के पमुि माइधिंग कारोबाधरयों में धगिे जाते हैं। गरकल औि रिकण ससथान िासतौर से आधदिासी केिोंमें चौ. धमिसेि िे गरीब और धििंाि पधरिारों के बचों को धशका उपिबंि करािे के धिए उडीसा और कई अनंय केिों में अिेक गुरंकुि संकूि और इंजीधियधरंग के संसंरािों की संरापिा की। वयावसारयक सामाजय आज चौ. धमिसेि का वंयािसाधयक सामाजंय पूरे देश में फैिा हुआ है। अिग-अिग केिों में धभनंि-धभनंि पकार के वंयिसाय चि रहे हैं। छिीसगढ़, धबहार और झारिंड में कोि िाशरी, कोयिा ििि एिं टांसपोटंा के केि में इिकी पताका फहरा रही है। िहीं, संटीि पंिांट और रमंाि पािर पंिांट शुरं हो चुके हैं। धिि बाजार में भी वंयिसाय चि रहा है। सीमेंट पंिांट, होटि वंयिसाय और धिि कंपिी, धरयिएसंटेट, ऊजंाा केि के इंफासंटकंचर धिकास, जिताटीिी, आईएिएच टीिीके अधतधरकंत राषीयधहनंदीदैधिक हधरभूधम समाचार पि, हधरयाणा, धदलंिी और छिीसगढ़ के बाद मधंय पदेश में भी अपिा धिशेष संराि बिा चुका है।
~~हरियाणा करिन~~ ै ~~ट कीि~~ े ~~ठकम~~ ै ें ~~कई अहम फसल~~ ै े हरियाणा में अब कृरि उतंपादों पि लगेगा गंामीण रिकास शुलंक िो तबकी आय का 2 % शुलुक n ग्ामीण विकास अविवनयम को मंिूरी, 1 अक्टूबर, 2022 से प्भािी होगा
बहतरतालमलक ललएहलरयाणा कलबनट का अहमफसला
धान 2500 रुपये पति कुविंटल िक बेचा िो 50 रुपये पति कुविंटल और इससेअतधक की कीमि बेचा िो तबकी आय का 2 % शुलुक
हरियाणा में कईरवभागों का रवलय
रनगिानी एवं समनंवय रवभाग औि पिासरनक सुधाि चौकीिािा रनयम संिोधन मंजूि, गामीण अि एकल पुरंष को भी िचे की रवभाग को सामानंय पिासन रवभाग में रवलय चौकीिाि भी होंगे ईपीएफ लाभ के पात िेखभाल के रलए रमलेंगी सीसीएल
हरिभूरि ब्यूिो : चंडीगढ्
हतरयाणा के मुख्यमंती मनोहर लाल ने की अध्यकता मे् बुधवार को यहां हुई मंततमंडल चंडीगढ्। सिसिल िसििालय में कैसिनेट मीसटंग की अधंयकता करते हुए मुखंयमंती मनोहर लाल। की बैठक मे् हतरयाणा गामीण तवकास अतधतनयम, 1986 की धारा 5(1) मे् संिोधन करने के तलए हतरयाणा गामीण ~~सपति क नकसान पर राति वसली जाएगी~~ पंचायती राज अधिधियम, 1994 में और संशोिि करिे के धिए हधरयाणा पंचायती राज (संशोिि) तवकास अतधतनयम (संिोधन) 2022 के धििेयक, 2022 के पारंप को संिीकृधत दी गई। हधरयाणा पंचायती राज अधिधियम, 1994 (इसके बाद पार्प को मंजूरी दी गई। अतधतनयम अब मूि अधिधियम) की िारा 51 की उप-िारा (3) के बाद, उप-िारा अरंाात‘‘(3ए) जोडंा जाएगा। धिदेशक हतरयाणा गामीण तवकास अतधतनयम या उपायुकंत, जैसा भी मामिा हो, उप-िारा (3) के तहत मूलंयांकि करेगा धक हटाए गए वंयकंकत से (संिोधन) 2022 कहलाएगा और यह 1 उसकी िापरिाही या कदाचार के पधरणामसंिरंप गाम धिधि या संपधि के िुकसाि, बबंाादी या अक्टूबर, 2022 से पभावी होगा। राज्य दुरंपयोग के कारण देय राधश, यधद कोई हो, और उपायुकंत िुकसाि की राधश की िसूिी करेगा। सरकार 1 अक्टूबर, 2022 से सभी तकस्मो् के धान सतहत अन्य सभी कृति उत्पादो् पर लेन-देन तजसमे् खरीदी या बेची गई कृति को 2500 र्पये पतत क्कवंटल तक की तनध्ाातरत दर से हतरयाणा गामीण तवकास उपज की तडलीवरी वासव मे् नही् की कीमत पर बेचा जाता है तो 50 र्पये यतद िुल्क लगा सकेगी। हालांतक, पसंस्करण जाती है और डीलर पर केवल उस लेनदेन एक मुश्त आधार पर 2500 र्पये पतत के तलए लाए गए कृति उत्पाद के मामले मे् के संबंध मे् िुल्क लगाया जाएगा तजसमे् क्कवंटल से अतधक की कीमत पर बेचा कोई िुल्क नही् लगाया जाएगा। कोई भी वासव मे् तडलीवरी की जाती है। यतद धान जाता है। ~~गामीण चौकीदार ईपीएफ लाभ क पात होग~~ मंधिमंडि की बैठक में हधरयाणा चौकीदारा (चौकीदार) धियम, 2013 में संशोिि के पसाि को संिीकृधत पदाि की, धजसमें उपायुकंत दारा पाधरत आदेशों के धिरंद अपीिीय पाधिकरण का पाििाि करिा और गामीण चौकीदारों के धिए कमंाचारी भधिषंय धिधि (ईपीएफ) का िाभ देिा है। ये धियमों हधरयाणा चौकीदारा (चौकीदार) संशोिि धियम, 2022 कहिाए जाएंगे। हधरयाणा चौकीदारा (चौकीदार) धियम, 2013 (इसके बाद उकंत धियम कहा जाता है) में, धियम 7 के बाद, धिमंिधिधित धियम डािा जाएगा, अरंाात, ‘7(ए)’ उपायुकंत के आदेश के धििाफ अपीि - पाधरत आदेश से वंयधरत वंयकंकत उपायुकंत दारा धियम 7 के अिीि ऐसे आदेश की धतधर से तीस धदिों की अिधि के भीतर आयुकंत को अपीि कर सकता है। बैठक में शहरी केिों में ‘कोर एधरया’ की पधरभाषा सकंममधित करिे के धिए हधरयाणा िगरपाधिका अधिधियम, 1973 में आगे संशोिि करिे के धिए हधरयाणा िगरपाधिका (धदतीय संशोिि) धििेयक, 2022 तरा हधरयाणा िगर धिगम अधिधियम, 1994 में संशोिि करिे के धिए हधरयाणा िगर धिगम धििेयक, 2022 के पारंप को संिीकृधत पदाि की गई।धबि ‘कोर एधरया’ को पधरभाधषत करता है, संशोिि अधिधियम के िागू होिे से पचास साि पहिे धियोधजत या धिकधसत िपा सीमा के भीतर धिधंमात केि और जो शहरीकरण और समय की कमी के कारण भूधम उपयोग की आिशंयकता होती है।
इलेतंटॉरनतंस रवभाग को खतंम रकयाॉरनतंस रवभाग को खतंम रकया
इलेतंटॉरनतंस रवभाग को खतंम रकयाॉरनतंस रवभाग को खतंम रकया िो साल की रमलेगी चाइलंड केयि लीव ~~ऊजा रवभाग पयाविण, वन एव वनयजीव~~ मंधिमंडि की बैठक में ििीि एिं ििकरणीय ऊजंाा धिभाग का धिदुत िि एिं िनंय जीि और पयंाािरण एिं जििायु हधरयाणा धसधिि सेिा धिभाग के सार धििय धकया है। अब इसका िाम पधरितंाि धिभाग का धििय हुआ है। अब इसका (अिकाश) धियम, 2016 में ऊजंाा धिभाग होगा। िाम पयंाािरण, िि एिं िनंयजीि धिभाग होगा। संशोिि को भी मंजूरी दी गई। अब एकि पुरंष सरकारी ~~सामारजक नयाय, अरधकारिता सचना, जनसपक, भाषा ससकरत~~ कमंाचारी को भी दो साि की हरिभूरि ब्यूिो : चंडीगढ् सामाधजक नंयाय, अधिकाधरता, अिुसूधचत जाधत किा एिं संसंकृधत का धििय सूचिा, जिसमंपकंक बाि देिभाि छुटी यािी एिं धपछडंा िगंा कलंयाण एिं अंतंयोदय धिभाग एिं भाषा धिभाग के सार धकया है। अब इसका चाइलंड केयर िीि पदेि कैतबनेट की बैठक मे् बुधवार को कई और अिुसूधचत जाधत एिं धपछडंा िगंा कलंयाण िाम सूचिा, जिसमंपकंक, भाषा एिं संसंकृधत धिभाग (सीसीएि)धमि सकेगी। यह फैसले तलए गए। सीएम मनोहर लाल की धिभाग तरा सामाधजक नंयाय एिं अधिकाधरता होगा। धियम हधरयाणा धसधिि सेिा अध्यकता मे् हुई बैठक मे् कई तवभागो् के धिभाग का धििय धकया गया है। अब इसका िाम (अिकाश) संशोिि धियम, ~~यवा सिकततकिण वउदमिीलता~~ कामकाज मे् बेहतर तालमेल, काय्ापणाली सामाधजक नंयाय, अधिकाधरता, अिुसूधचत जाधत 2022 कहे जाएंगे। ये धियम को सुव्यवक्सथत करने वपिासतनक दकता एिं धपछडंा िगंा कलंयाण एिं अंतंयोदय धिभाग िेि धिभाग से युिा मामिों को धिकाि कर सरकारी गजट में इिके मे् सुधार लाने के तलए एक ही पकार की धकया गया है। कौशि धिकास एिं औदोधगक पधशकण धिभाग पकाशि की धतधर से िागू और रोजगार धिभाग के सार धििय धकया है। अब होंगे। संशोिि के अिुसार, काय्ा पकृतत वाले कई तवभागाे् केतवलय ~~सामानय पिासन~~ इसका िाम युिा सशकंकतकरण एिं उदमशीिता एकि पुरंष सरकारी कमंाचारी और पुनग्ाठन को मंजूरी दी गई। हालांतक धिगरािी एिं समनंिय धिभाग और पशासधिक धिभाग होगा। (अधििाधहत, धििुर या तनदेिालय, यूतटतलटीज वपातधकरण पहले सुिार धिभाग को सामानंय पशासि धिभाग में ~~उदोग एव वारणजय~~ तिाकशुदा) और मधहिा की तरह ही काम करते रहे्गे। इसकेअलावा धििय कर धदया है। हधरयाणा कमंाचारी चयि सरकारी कमीकेिि 18 िषंा हतरयाणा तसतवल सेवा (अवकाि) तनयम, आयोग, हधरयाणा िोक सेिा आयोग, सीईटी के इिेकंटॉधिकंस एिं सूचिा पौदोधगकी धिभाग को की आयु तक के अपिे दो बडंे 2016 मे् संिोधन को मंजूरी दी है। हतरयाणा संबंि में िीधतयां, जो पहिे मािि संसािि धिभागको हसांतधरत धकए गए रे, उनंहें सामानंय पशासि भंग कर इसे इिेकंटआईटी को उदोग एिं िाधणजंय धिभाग के सारॉधिकंस धिधिमंााण तरा धिजी धिए संपूणंा सेिाकाि के दौरािजीधित बािकों की देिभाि के चौकीदारा (चौकीदार) तनयम, 2013 मे् धिभाग को सौंपा जाएगा। इसके अिािा, आपूधंता धििय धकया है। अधिकतम दो साि (यािी 730 संिोधन तकयाहै। अब गामीण चौकीदार भी एिं धिपटाि धिदेशािय को उदोग एिं िाधणजंय ~~िाजसव एव आपिा पिधन~~ धदि) की अिधि के धिए ईपीएफ लाभ के पात हो्गे। हतरयाणा गामीण धिभाग से धिि धिभाग में संरािांतधरत कर धदया चाइलंड केयर िीि का िाभ तवकास (संिोधन) अतधतनयम, 2022 को जाएगा। चकबंदी और राजसंि एिं आपदा पबंिि धिभाग उठा सकते हैं। इसके अिािा, भी मंजूरी तमली है। अब 1 अक्टूबर, 2022 ~~उचति रिका~~ का धििय धकया है। अब इसका िाम राजसंि एिं 18 िषंा से कम आयु की शतंा आपदा पबंिि धिभाग होगा। इसके अिािा, धदवंयांग बािकों पर िागू िहीं से कृति उत्पादो् पर हतरयाणा गामीण तवकास उचतर धशका और तकिीकी धशका और धिजाि फायर सधंिास, फायर सेफंटी धिदेशािय को शहरी होगी, यधद सकम धचधकतंसा िुल्क लगेगा। यतद धान 2500 र्पये पतत एिं पौदोधगकी धिभाग का धििय धकया गया है। संरािीय धिकायों से राजसंि एिं आपदा पबंिि पाधिकारी दारा जारी धकए गए क्कवंटल तक बेचा जाता है तो 50 र्पये पतत अब इसका िाम उचिर धशका धिभाग होगा। धिभाग में संरािांतधरत धकया जाएगा। अशकंतता पमाण पि के 2500 र्पये पक्कवंटल और यतद एक मुश्त आधार परतत क्कवंटल से अतधक की ~~हरिटज औि पय न~~ हरियाणा नगिपारिका (र्ितीय संशोधन) अिुसार अशकंतता 60 पसे अधिक है और धदवंयांगधतशत कीमत पर बेचा जाता है तो तबकी आय का पुराततंि एिं संगहािय का पयंाटि धिभाग में रिधेयक, 2022 भी मंजूि, इसरिि का बचा पूरी तरह से मधहिा या धििय हुआ है। अब इसका िाम हैधरटेज और उद्ेश्य नगिपारिका सीमा के भीति स्थित एकि पुरंष सरकारी 2% की दर से िुल्क लगेगा। पयंाटि धिभाग होगा। ‘कोि एरिया’ को परिभारित किना है। कमंाचारी पर धिभंार है।
भारतीय विचार संस्थान निगरािीशुदा न्यास की ओर से छतीसगढ में रिनिहाड़ंे कांगेस जीवनििंटन को युगानुकूल िनाने की बदमाश था मृतक रजमंमेिािी रवदानों की : होसिाले आयोवित तीन वििसीय संजू निपाठी नेता की गोली मािकि हतंया हरिभूिि न्यूज : भोपाल भारत के संदभ्ा मे् चलाने वाले व्याख्यानमाला मंेसरकाय्यिाह होसबाले ने हरिभूिि न्यूज : रिलासपुि तवमि्ा को बदलना पड्ेगा। भारत वकयासंबोवित राषीय स्वयंसेवक संघ के के लोगो् ने अंततरक केत मे् तजस छिीसगढ के तबलासपुर मे् कांगेस नेता पुधिस िे मौके से गोधियों के सरकाय्ावाह दिातेय होसबाले ने तरह की उपलक्धधयां पाप्त की है्, टुकडे बरामद धकए हैं। फॉरेंधसक संजू ततपाठी की तदनदहाडे गोली मारकर कहा है तक भारत करवट ले रहा, वे दुतनया के तलए उदाहरण है्। सर की टीम को भी बुिाया गया है। हत्या कर दी गई। बताया जाता है तक मृतक भारत की एकात्म का अनुभव आ काय्ावाह होसबाले मंगलवार को बताया जा रहा है धक यह पूरी संजू ितपाठी तनगरानीिुदा बदमाि था। िारदात जमीि धििाद को िेकर रहा है, भारत की मान्यता बढ् रही भारतीय तवचार संस्थान न्यास की संजू की हत्या िाम चार बजे के करीब हुई है। संजू िे दबंगई कर कई है। इसतलए भारत के ‘स्व’ को ओर से आयोतजत तीन तदवसीय सकरी बायपास चौक मे् उस वक्त की गई जमीिों को िािी कराया है, जगाने का यह अमृतकाल है। व्याख्यानमाला मे् उद्बोधन तदए। जब वो फाम्ा हाउस से अपने घर लौट रहा कबंजा धकया है। िह जमीिों के ‘स्व’ उसकी संस्कृतत मे् है। भारत ‘शेष भारत बनाने मे् पबुिजन की था। एक बेकर के पास उसकी एमजी सौदे भी डरा िमकाकर कराता के ‘स्व’ को समझकर पबुिजनो् भूतमका’ तविय पर अपने तवचार रा, इसके चिते उसकी कई िोगों हेक्टर कार परदोनो् तरफ से हमलावरो् ने को युगानुकूल व्यवस्थाएं बनानी व्यक्त करते हुएहोसबाले ने कहा से दुशंमिी भी री। उसके धििाफ गोतलयां चलाई्। संजू के तसर और िरीर पर मारपीट, बििा, अपहरण का चातहए। अपने जीवनदि्ान को तक स्वाधीनता के अमृतकाल मे् तीन गोतलयां लगी और उसकी मौके पर पयास जैसी कई गंभीर िाराओं के तहत धजिे के कई रािों में मामिे दजंा युगानुकूल बनाने की तजम्मेदारी शेष भारत का तनम्ााण करने के मौत हो गई। संजू ततपाठी अपने तावाताल रे। उसे धजिाबदर करिे की भी पहिे तैयारी की गई री, िेधकि िह अपिे तवदानो् की है। शेष भारत का तलए अनेक पकार के उदम करने गांव के फाम्ा हाउस से लौटकर तबलासपुर राजिीधतक रसूि से बच जाता रा। अभी ताजा धििाद उसका अपिे सगे तनम्ााण ‘स्व’ के आधार पर ही हो्गे। भारत ऐसा देि है, तजसने के कुदुदंड इलाके मे् क्सथत अपने घर जा छोटे भाई से हुआ रा। जमीि-जायजाद के धििाद के बाद भाई के धसर पर तकया जा सकता है। उन्हो्ने कहा हजारो् विो् मे् तवश को आदि्ा उसिे फरसा मार धदया रा। रहा था। तक ‘स्व’ को जाग्ाृत करने के तलए जीवनिैली तसखाई है। जमीन रववाि में मडंटि होने की आिंका
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